Dyslexia Diagnosis: कैसे पहचानें और सही समय पर मदद पाएं?
हमारे पिछले वीडियो में हमने Dyslexia के बारे में बात की थी: Dyslexia क्या है, यह कैसे होता है और यह कितना खतरनाक हो सकता है। आज के वीडियो में हम बात करेंगे की Dyslexia को कैसे diagnose किया जा सकता है। Dyslexia से जूझ रहे लोग अक्सर अपनी परेशानी को manage करने के तरीके खोज लेते हैं, इसलिए वो किस परेशानी से जूझ रहे हैं ये कई बार लोग समझ ही नहीं पाते हैं। किसी से भी share न करना शर्मिंदगी से तो बचा सकता है, लेकिन लोगों से बात करके सही मदद मिल जाने पर स्कूल का सफर और पढ़ाई करना आसान हो सकता है।
Dyslexia का पता ज़्यादातर तो बचपन में ही लग जाता है लेकिन कई बार Adolescence और adulthood में भी dyslexia का diagnose होता हैं।
किसी को adolescent age में Dyslexia है या नहीं, इसका पता इन कुछ लक्षणों से लगाया जा सकता है:
- समझदार होने के बावजूद भी सही से ना पढ़ (read) पाना
- Spelling एंड writing skills का कमजोर होना
- समय पर assignments और tests ख़त्म ना कर पाना
- चीजों का सही नाम न याद रख पाना
- Lists और phone numbers याद न रख पाना
- दाएं - बाएं याद रखने में या नक्शा पढ़ने में मुश्किल होना
- विदेशी भाषा समझने में परेशानी
इनमें से किसी भी एक लक्षण के होने से यह नहीं पता लग सकता की व्यक्ति को Dyslexia की problem है। लेकिन अगर एक व्यक्ति में इनमें से कुछ लक्षण दिखते हैं तो उसका Dyslexia का test करवा लेना चाहिए।
स्कूल में या community में कोई psychologist या reading specialist इस condition को evaluate करके formally Dyslexia का पता लगा सकता है।
जितनी छोटी उम्र में Dyslexia का पता लग सके उतना ही अच्छा है।
हमें उम्मीद है कि ये video आपके लिए informative रहा होगा। Dyslexia जैसी condition को कैसे manage किया जा सकता है.
Source:- https://kidshealth.org/en/teens/dyslexia.html
यह जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. अपने उपचार में कोई भी बदलाव करने से पहले अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श लें। मेडविकी पर आपने जो कुछ भी देखा या पढ़ा है, उसके आधार पर पेशेवर चिकित्सा सलाह को अनदेखा या विलंब न करें।
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