रिसपेरीडोन

दोहरी मानसिक विकार, स्किज़ोफ्रेनिया ... show more

दवाई के स्थिति

approvals.svg

सरकारी मंजूरी

US(FDA), यूके (बीएनएफ)

approvals.svg

डब्ल्यूएचओ जरूरी दवाई

हाँ

approvals.svg

ज्ञात टेराटोजेन

approvals.svg

फार्मास्युटिकल वर्ग

None

approvals.svg

नियंत्रित दवा पदार्थ

NO

ई दवाई के बारे में अउरी जानीं -

यहाँ क्लिक करीं

सारांश

  • रिसपेरीडोन के इस्तेमाल सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर के मैनिक या मिक्स्ड एपिसोड, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जुड़ल चिड़चिड़ापन, आ टॉरेट सिंड्रोम में टिक के गंभीरता के प्रबंधन खातिर कइल जाला। ई डिमेंशिया-संबंधित साइकोसिस में व्यवहारिक समस्या के प्रबंधन खातिर भी इस्तेमाल कइल जा सकेला, हालाँकि बुजुर्ग मरीजन में संभावित साइड इफेक्ट्स के चलते सावधानी से।

  • रिसपेरीडोन दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर, खासकर डोपामाइन आ सेरोटोनिन पर असर डाल के काम करेला। ई रसायन मूड, व्यवहार, आ सोच प्रक्रिया के नियमन में मदद करेला। ई रसायन के संतुलित क के, रिसपेरीडोन मतिभ्रम, भ्रम, आ मूड स्विंग्स जइसन लक्षणन के कम करेला।

  • सिजोफ्रेनिया वाला वयस्कन खातिर, रिसपेरीडोन आमतौर पर 2 मि.ग्रा./दिन से शुरू होला, आ खुराक आमतौर पर 4 से 6 मि.ग्रा./दिन के बीच होला। बाइपोलर डिसऑर्डर खातिर, 2-3 मि.ग्रा./दिन आम बा। ई खाना के साथ या बिना, रोजाना एके समय पर लिहल जा सकेला।

  • रिसपेरीडोन के आम साइड इफेक्ट्स में सुस्ती, वजन बढ़ना, सिरदर्द, चक्कर आना, आ मुँह सूखल शामिल बा। गंभीर प्रतिकूल प्रभाव में कंपकंपी, कठोरता, मेटाबोलिक बदलाव, बढ़ल ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन, आ डिमेंशिया-संबंधित साइकोसिस वाला बुजुर्ग मरीजन में स्ट्रोक के बढ़ल जोखिम शामिल बा।

  • डिमेंशिया-संबंधित साइकोसिस वाला बुजुर्ग मरीजन में रिसपेरीडोन के इस्तेमाल से स्ट्रोक आ मौत के बढ़ल जोखिम बा। ई टार्डिव डिस्किनेसिया आ न्यूरोलेप्टिक मैलिग्नेंट सिंड्रोम जइसन संभावित जानलेवा स्थिति पैदा कर सकेला। ई कार्डियोवास्कुलर स्थिति, लीवर या किडनी समस्या, आ मिर्गी के विकार वाला मरीजन में सावधानी से इस्तेमाल कइल जाव। ई रिसपेरीडोन से ज्ञात अतिसंवेदनशीलता वाला मरीजन में निषिद्ध बा।

संकेत आ उद्देश्य

रिसपेरीडोन के का उपयोग बा?

रिसपेरीडोन के इलाज खातिर संकेतित बा:

  1. स्किजोफ्रेनिया – भ्रम, मतिभ्रम, आ असंगठित सोच जइसन लक्षण के प्रबंधन खातिर।
  2. बाइपोलर डिसऑर्डर – उन्मत्त या मिश्रित एपिसोड के प्रबंधन खातिर।
  3. बच्चा में चिड़चिड़ा मूड विकार – खासकर ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से जुड़ल चिड़चिड़ापन खातिर।
  4. टॉरेट सिंड्रोम – टिक के गंभीरता के कम करे खातिर।
  5. डिमेंशिया से जुड़ल मनोविकृति में व्यवहारिक समस्या – हालांकि ई बुजुर्ग मरीज में संभावित साइड इफेक्ट के कारण सावधानी से इस्तेमाल कइल जाला।

रिसपेरीडोन कइसे काम करेला?

रिसपेरीडोन दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर के गतिविधि के बदल के काम करेला, खासकरडोपामाइनसेरोटोनिन के। एकरा केएटिपिकल एंटीसाइकोटिक के रूप में वर्गीकृत कइल गइल बा। रिसपेरीडोन कुछ रिसेप्टर के ब्लॉक करेला, खासकर डोपामाइन D2 रिसेप्टर आ सेरोटोनिन 5-HT2A रिसेप्टर, जे साइकोसिस के लक्षण (जइसे भ्रम आ मतिभ्रम) आ मूड विकार के कम करे में मदद करेला। ई क्रिया दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर के संतुलन बहाल करे में मदद करेला, मूड आ व्यवहार में सुधार करेला।

का रिसपेरीडोन प्रभावी बा?

रिसपेरीडोन के प्रभावशीलता के समर्थन करे वाला प्रमाण कई गो क्लिनिकल ट्रायल आ अध्ययन से मिलेला। ईस्किजोफ्रेनिया,बाइपोलर डिसऑर्डर, आऑटिज्म से जुड़ल चिड़चिड़ापन के लक्षण के काफी हद तक कम करेला। रिसपेरीडोन मनोविकृति के लक्षण, मूड स्थिरीकरण, आ व्यवहारिक समस्या में सुधार देखवले बा, जे एकरा के तीव्र आ रखरखाव उपचार खातिर प्रभावी बनावेला। अध्ययन से ई भी पता चलल बा कि पुरान एंटीसाइकोटिक्स की तुलना में एकर प्रभावशीलता से साइड इफेक्ट के अनुपात अनुकूल बा।

रिसपेरीडोन काम कर रहल बा कि ना, कइसे पता चली?

रिसपेरीडोन के लाभ के मूल्यांकन स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा नियमितक्लिनिकल मूल्यांकन के माध्यम से कइल जाला, जे लक्षण में सुधार आ कार्यात्मक परिणाम पर ध्यान केंद्रित करेला। प्रमुख संकेतक मेंमनोविकृति के लक्षण,मूड स्थिरीकरण, आसामाजिक या व्यावसायिक कार्यप्रणाली में सुधार के कमी शामिल बा। स्किजोफ्रेनिया खातिरपॉजिटिव आ नेगेटिव सिंड्रोम स्केल (PANSS) जइसनरेटिंग स्केल के अक्सर लक्षण के गंभीरता मापे खातिर इस्तेमाल कइल जाला। एकर प्रभावशीलता के मूल्यांकन में साइड इफेक्ट के निगरानी भी जरूरी बा।

इस्तेमाल के निर्देश

रिसपेरीडोन के सामान्य खुराक का ह?

बड़ लोग खातिर, रिसपेरीडोन के सामान्य खुराक बा:

  • प्रारंभिक खुराक: 2 से 3 मि.ग्रा. मौखिक रूप से रोजाना एक बेर।
  • टाइट्रेशन: 1 मि.ग्रा. प्रति दिन कम से कम 24 घंटा के अंतराल पर बढ़ावल जा सकेला।
  • सामान्य सीमा: 1 से 6 मि.ग्रा. प्रति दिन, अधिकतम 6 मि.ग्रा. प्रति दिन।

बच्चा खातिर (आमतौर पर 5 साल आ ओकरा से ऊपर के उम्र):

  • प्रारंभिक खुराक (20 किलोग्राम से कम): 0.25 मि.ग्रा. रोजाना एक बेर; 4 दिन बाद 0.5 मि.ग्रा. तक बढ़ावल जा सकेला।
  • प्रारंभिक खुराक (20 किलोग्राम आ ओकरा से ऊपर): 0.5 मि.ग्रा. रोजाना एक बेर; 4 दिन बाद 1 मि.ग्रा. तक बढ़ावल जा सकेला।
  • सामान्य सीमा: 0.5 से 3 मि.ग्रा. प्रति दिन, क्लिनिकल प्रतिक्रिया के आधार पर समायोजित।

रिसपेरीडोन कइसे लेवे के चाहीं?

रिसपेरीडोनखाना के साथ या बिना, रउआ के पसंद के अनुसार ले सकीलें। रिसपेरीडोन लेत घरी कवनो खास भोजन प्रतिबंध ना बा। हालांकि, सटीक खुराक आ समय खातिर अपना स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के निर्देश के पालन कइल जरूरी बा। ईहर दिन एके समय पर लेवे के चाहीं ताकि खुराक याद रहे, आ बिना डॉक्टर से सलाह लिहले खुराक में अचानक बदलाव से बचे के चाहीं।

रिसपेरीडोन केतना दिन लेवे के चाहीं?

रिसपेरीडोन के उपयोग के सामान्य अवधि स्थिति के अनुसार अलग-अलग होला:

  • अल्पकालिक उपचार: स्किजोफ्रेनिया या बाइपोलर डिसऑर्डर के तीव्र एपिसोड खातिर, नियंत्रित परीक्षण में अक्सर6 से 8 हफ्ता खातिर उपचार शुरू कइल जाला।
  • दीर्घकालिक उपचार: पुरान स्थिति खातिर, रिसपेरीडोन के विस्तारित अवधि खातिर इस्तेमाल कइल जा सकेला, अक्सर हर1 से 2 साल में आवधिक पुनर्मूल्यांकन के आवश्यकता होला ताकि चिकित्सा के निरंतर आवश्यकता के आकलन कइल जा सके।

मरीज रिसपेरीडोन पर महीना या साल तक रह सकेला, उनकर प्रतिक्रिया आ क्लिनिकल स्थिरता पर निर्भर करेला।

रिसपेरीडोन के काम करे में कति समय लागेला?

रिसपेरीडोन स्किजोफ्रेनिया आ बाइपोलर डिसऑर्डर जइसन स्थिति खातिर1 से 2 हफ्ता में प्रभाव देखावे शुरू कर सकेला। हालांकि, मूड स्थिरीकरण खातिर पूरा चिकित्सीय लाभ के स्पष्ट होखे मेंकई हफ्ता लाग सकेला। एकरा में लागे वाला समय व्यक्ति आ इलाज हो रहल स्थिति पर निर्भर कर सकेला।

रिसपेरीडोन के कइसे स्टोर करीं?

रिसपेरीडोन के ओह जगह पर रखीं जहाँ तापमान 68° से 77°F (20° से 25°C) के बीच रहे। सुनिश्चित करीं कि रिसपेरीडोन के ओह कंटेनर में रखल जाव जे मजबूती से बंद होखे।

चेतावनी आ सावधानी

केकरा के रिसपेरीडोन लेवे से बचे के चाहीं?

रिसपेरीडोन खातिरचेतावनी आ निषेध में शामिल बा:

  1. डिमेंशिया से जुड़ल मनोविकृति वालाबुजुर्ग मरीज मेंस्ट्रोकमौत के बढ़ल जोखिम बा।
  2. एक्सट्रापाइरामिडल लक्षण,टार्डिव डिस्किनेसिया, आन्यूरोलेप्टिक मैलिग्नेंट सिंड्रोम (NMS) पैदा कर सकेला, जे जानलेवा हो सकेला।
  3. हृदय संबंधी स्थिति,जिगर यागुर्दा समस्या, आदौरा विकार वाला मरीज में सावधानी से इस्तेमाल करीं।
  4. रिसपेरीडोन या एकर कवनो घटक से ज्ञातअतिसंवेदनशीलता वाला मरीज मेंनिषिद्ध बा।
  5. वजन बढ़ना,हाइपरग्लाइसीमिया, आलिपिड असामान्यता पैदा कर सकेला।
  6. गर्भावस्था श्रेणी C – केवल आवश्यक होखे पर इस्तेमाल करीं, आ गर्भावस्था आ स्तनपान के दौरान निगरानी करीं।

का हम रिसपेरीडोन के साथ अउरी प्रिस्क्रिप्शन दवाई ले सकेनी?

रिसपेरीडोन के कई गो प्रिस्क्रिप्शन दवाई के साथ महत्वपूर्ण इंटरैक्शन बा:

  1. CNS डिप्रेसेंट (जइसे, बेंजोडायजेपाइन, शराब): बढ़ल उनींदापन या श्वसन अवसाद के कारण बढ़ल नींद के प्रभाव।
  2. एंटीहाइपरटेंसिव: खासकर रिसपेरीडोन के शुरुआती खुराक के साथ हाइपोटेंशन के बढ़ल जोखिम।
  3. CYP450 एंजाइम इंड्यूसर/इनहिबिटर (जइसे, कार्बामाज़ेपिन, रिफैम्पिन, फ्लुओक्सेटिन, आ केटोकोनाज़ोल): रिसपेरीडोन के मेटाबोलिज्म के प्रभावित करेला, जे एकर प्रभावशीलता के बदल सकेला।
  4. एंटिचोलिनर्जिक्स: मुंह सूखल, कब्ज, आ मूत्र प्रतिधारण जइसन साइड इफेक्ट के जोखिम बढ़ा सकेला।

का हम रिसपेरीडोन के साथ विटामिन या सप्लीमेंट ले सकेनी?

रिसपेरीडोन के कुछ महत्वपूर्ण इंटरैक्शन विटामिन आ सप्लीमेंट के साथ बा:

  1. विटामिन K एंटागोनिस्ट (जइसे, वारफारिन): रिसपेरीडोन एंटीकोआगुलेंट के प्रभाव के बदल सकेला, खून बहला के जोखिम बढ़ा सकेला।
  2. कैल्शियम सप्लीमेंट: अधिक कैल्शियम सेवन रिसपेरीडोन के अवशोषण या प्रभावशीलता के बदल सकेला।
  3. सेंट जॉन वॉर्ट: दवाई के मेटाबोलाइज करे वाला लिवर एंजाइम के प्रभावित कर के रिसपेरीडोन के प्रभावशीलता के कम कर सकेला।

का रिसपेरीडोन के गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित रूप से लिहल जा सकेला?

रिसपेरीडोन के FDA द्वारा गर्भावस्था खातिरश्रेणी C दवाई के रूप में वर्गीकृत कइल गइल बा, मतलब कि गर्भावस्था के दौरान एकर सुरक्षा के अच्छी तरह से स्थापित ना कइल गइल बा। पशु अध्ययन में उच्च खुराक पर भ्रूण विकास पर प्रतिकूल प्रभाव देखावल गइल बा, लेकिन गर्भवती महिला में पर्याप्त अच्छी तरह से नियंत्रित अध्ययन ना बा। एकरा के केवल तब इस्तेमाल कइल जाव जब संभावित लाभ भ्रूण के संभावित जोखिम के उचित ठहरावे। गर्भावस्था के दौरान रिसपेरीडोन लेवे वाली गर्भवती महिला के स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा करीबी निगरानी कइल जाव।

का रिसपेरीडोन के स्तनपान करावत घरी सुरक्षित रूप से लिहल जा सकेला?

रिसपेरीडोन स्तन दूध में निकल जाला, आ एकर उपयोग स्तनपान के दौरान तब तक सिफारिश ना कइल जाला जब तक कि संभावित लाभ जोखिम से अधिक ना होखे। दवाई नवजात शिशु में उनींदापन आ अन्य साइड इफेक्ट पैदा कर सकेला। अगर कवनो माई के स्तनपान के दौरान रिसपेरीडोन के जरूरत होखे त शिशु के कवनो प्रतिकूल प्रभाव खातिर करीबी निगरानी के सलाह दिहल जाला। स्तनपान के दौरान रिसपेरीडोन के उपयोग से पहिले स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से सलाह लेवे के जरूरी बा।

का रिसपेरीडोन बुजुर्ग लोग खातिर सुरक्षित बा?

एंटीसाइकोटिक दवाई, जइसे रिसपेरीडोन, डिमेंशिया वाला बुजुर्ग मरीज खातिर हानिकारक हो सकेला। ई मौत के जोखिम बढ़ा देला आ एकरा के एह उपयोग खातिर मंजूरी ना मिलल बा। पुरान लोग में ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन के अनुभव होखे के संभावना अधिक होला, एगो स्थिति जे खड़ा होखे पर चक्कर या बेहोशी पैदा करेला। ई जोखिम के कम करे खातिर, डॉक्टर रिसपेरीडोन के कम खुराक (0.5 मि.ग्रा. दिन में दू बेर) से शुरू करे आ जरूरत अनुसार धीरे-धीरे बढ़ावे के सिफारिश करेलें। विषाक्त प्रतिक्रिया के बढ़ल जोखिम के कारण, रिसपेरीडोन लेत घरी गुर्दा के कार्यप्रणाली के निगरानी कइल जरूरी बा।

रिसपेरीडोन लेत घरी व्यायाम सुरक्षित बा?

व्यायाम सुरक्षित बा, लेकिन रिसपेरीडोन चक्कर पैदा कर सकेला, खासकर गरम स्थिति में। हाइड्रेटेड रहला आ अधिक मेहनत से बचे के चाहीं। अगर व्यायाम के दौरान चक्कर या थकान होखे त रुकीं आ अपना डॉक्टर से सलाह लीं।

रिसपेरीडोन लेत घरी शराब पीअल सुरक्षित बा?

रिसपेरीडोन लेत घरी शराब से बचे के चाहीं, काहे कि ई उनींदापन बढ़ा सकेला आ निर्णय क्षमता के प्रभावित कर सकेला। अगर रउआ पीए के योजना बनावतानी त जोखिम समझे खातिर अपना डॉक्टर से चर्चा करीं।